Acharya Shri Shyama Charan Jha
वैदिक ज्योतिष परामर्शी | वास्तु विशेषज्ञ | शाक्त एवं श्रीविद्या साधक | आध्यात्मिक मार्गदर्शक
जन्म: 20 दिसंबर 1985
जन्म स्थान: ग्राम दुबराजपुर, पोस्ट दुबराजपुर, जिला गोड्डा, झारखंड
वर्तमान निवास: सत्संग नगर, गोड्डा, झारखंड – 814133
शिक्षा: एम.ए. इतिहास, एम.ए. संस्कृत, बी.एड., एम.बी.ए., डी.फार्मा
विशेष पहचान: धर्म, अध्यात्म, वैदिक ज्योतिष, वास्तु एवं धार्मिक अनुष्ठान
परिचय
Acharya Shri Shyama Charan Jha धर्म, अध्यात्म, वैदिक ज्योतिष, वास्तु शास्त्र और साधना से जुड़े एक अनुभवी परामर्शी एवं आध्यात्मिक साधक हैं। उनका जीवन वैदिक ज्ञान, धार्मिक परंपराओं, सेवा और साधना के माध्यम से समाज को मार्गदर्शन प्रदान करने की भावना से प्रेरित रहा है।
झारखंड के गोड्डा जिले के दुबराजपुर ग्राम में जन्मे Acharya Shri Shyama Charan Jha ने औपचारिक शिक्षा के साथ-साथ भारतीय धर्म, संस्कृत, ज्योतिष और आध्यात्मिक परंपराओं के अध्ययन में विशेष रुचि विकसित की। वे स्वयं को विशेष रूप से शाक्त साधना, श्रीविद्या साधना और माँ भुवनेश्वरी की उपासना से जुड़ा साधक मानते हैं।
उनके अनुसार धर्म केवल पूजा-पद्धति तक सीमित नहीं है, बल्कि सेवा, सदाचार, ज्ञान और लोक-कल्याण को जीवन में उतारने का माध्यम है।
Early Life & Family
Acharya Shri Shyama Charan Jha का जन्म 20 दिसंबर 1985 को ग्राम दुबराजपुर, जिला गोड्डा, झारखंड में हुआ।
उनकी माता श्रीमती विद्या देवी गृहिणी हैं। उनके पिता श्री पंकज कुमार झा (दीनबंधु झा) भारतीय डाक सेवा से सेवानिवृत्त हैं।
पारिवारिक संस्कारों और धार्मिक वातावरण ने उनके जीवन में अध्यात्म तथा भारतीय धार्मिक परंपराओं के प्रति रुचि विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
Education
Acharya Shri Shyama Charan Jha ने विभिन्न विषयों में उच्च शिक्षा प्राप्त की है। उनकी शैक्षणिक योग्यताओं में:
एम.ए. – इतिहास
एम.ए. – संस्कृत
बी.एड.
एम.बी.ए.
डी.फार्मा
शामिल हैं।
इतिहास और संस्कृत के अध्ययन ने उन्हें भारतीय संस्कृति तथा प्राचीन ज्ञान परंपराओं को समझने का आधार दिया, जबकि प्रबंधन और फार्मेसी की शिक्षा ने उनके शैक्षणिक अनुभव को विविधता प्रदान की।
दीक्षा एवं गुरु परंपरा
वर्ष 2003 में शाक्त परंपरा में Acharya Shri Shyama Charan Jha की विधिवत दीक्षा मध्य प्रदेश के सीधी जिले के देवसर क्षेत्र के खड़ौरा ग्राम निवासी आचार्य श्री रामाधार चतुर्वेदी जी शास्त्री जी से हुई।
इस दीक्षा के पश्चात उनकी आध्यात्मिक साधना में शाक्त परंपरा, मंत्र साधना एवं धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष स्थान रहा है। गुरु परंपरा से प्राप्त आध्यात्मिक मार्गदर्शन उनकी साधना-यात्रा का महत्वपूर्ण आधार बना।
Spiritual Journey
धर्म और साधना Acharya Shri Shyama Charan Jha के जीवन के प्रमुख आधार रहे हैं। उनकी आध्यात्मिक रुचियों में शाक्त साधना, श्रीविद्या साधना और माँ भुवनेश्वरी की उपासना विशेष स्थान रखती है।
वे धार्मिक ग्रंथों, मंत्र साधना, वैदिक परंपराओं तथा आध्यात्मिक विषयों के अध्ययन और अभ्यास में रुचि रखते हैं।
उनका उद्देश्य आध्यात्मिक ज्ञान को केवल व्यक्तिगत साधना तक सीमित न रखते हुए लोगों तक ऐसा मार्गदर्शन पहुँचाना है, जिससे वे अपने जीवन में धर्म, अनुशासन और सकारात्मक दृष्टिकोण को स्थान दे सकें।
Vedic Astrology & Consultation
प्रदान की गई जानकारी के अनुसार, Acharya Shri Shyama Charan Jha वर्ष 2002 से सार्वजनिक रूप से ज्योतिष परामर्श से जुड़े हुए हैं।
उनके ज्योतिषीय कार्यक्षेत्र में मुख्य रूप से:
वैदिक कुंडली विश्लेषण • प्रश्न कुंडली • हस्तरेखा अध्ययन • वास्तु शास्त्र • नवग्रह संबंधी परामर्श • कालसर्प दोष संबंधी धार्मिक उपाय
शामिल हैं।
उनके द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, वे अब तक 10,000 से अधिक वैदिक कुंडली परामर्श प्रदान कर चुके हैं और सैकड़ों धार्मिक अनुष्ठानों से जुड़े रहे हैं।
Religious Rituals & Katha
धार्मिक अनुष्ठानों के क्षेत्र में Acharya Shri Shyama Charan Jha के अनुभव में विभिन्न वैदिक एवं पारंपरिक अनुष्ठान शामिल हैं।
वे विशेष रूप से महामृत्युंजय मंत्र अनुष्ठान, नवग्रह दोष निवारण संबंधी अनुष्ठान, कालसर्प दोष निवारण संबंधी धार्मिक विधियों तथा अन्य धार्मिक कर्मकांडों से जुड़े हैं।
इसके अतिरिक्त उनकी धार्मिक रुचियों एवं गतिविधियों में:
श्रीमद् देवी भागवत कथा
श्रीमद् भागवत कथा
भी शामिल हैं।
उनका प्रयास धार्मिक अनुष्ठानों को श्रद्धा, परंपरा और वैदिक विधियों के अनुरूप संपन्न करने पर केंद्रित रहता है।
Health & Wellness Interests
Acharya Shri Shyama Charan Jha की रुचि आयुर्वेद एवं स्वास्थ्य संबंधी विषयों में भी रही है। डी.फार्मा की शैक्षणिक पृष्ठभूमि के साथ वे आयुर्वेदिक एवं एलोपैथिक स्वास्थ्य विषयों पर सामान्य परामर्श और मार्गदर्शन से भी जुड़े रहे हैं।
स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याओं के लिए योग्य एवं पंजीकृत चिकित्सक से चिकित्सा सलाह लेना आवश्यक है।
Professional Career
Acharya Shri Shyama Charan Jha का व्यावसायिक जीवन शिक्षा, सामाजिक क्षेत्र, स्वास्थ्य प्रशासन और आध्यात्मिक परामर्श जैसे विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ा रहा है।
प्रदान की गई जानकारी के अनुसार, 2004 से 2013 के बीच उन्होंने शिक्षा एवं NGO क्षेत्र में सक्रिय योगदान दिया।
इसके बाद 2013 से 2022 तक उन्होंने सरकारी अस्पताल व्यवस्था में Data Manager एवं Hospital Program Manager के रूप में कार्य किया। इस अवधि में उन्हें स्वास्थ्य कार्यक्रमों, डेटा प्रबंधन और अस्पताल प्रशासन से संबंधित व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ।
इन पेशेवर जिम्मेदारियों के साथ उन्होंने ज्योतिष और आध्यात्मिक गतिविधियों से अपना जुड़ाव बनाए रखा।
Experience & Achievements
Acharya Shri Shyama Charan Jha की अब तक की यात्रा में शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा प्रशासन, सामाजिक कार्य और आध्यात्मिक मार्गदर्शन का समावेश दिखाई देता है।
उनके द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार उनकी प्रमुख उपलब्धियों में 2004–2013 तक शिक्षा एवं NGO क्षेत्र में योगदान, 2013–2022 तक सरकारी अस्पताल में Data Manager एवं Hospital Program Manager के रूप में सेवा, 2002 से ज्योतिष परामर्श से निरंतर जुड़ाव, 10,000+ वैदिक कुंडली परामर्श तथा सैकड़ों धार्मिक अनुष्ठानों का अनुभव शामिल है।
Mission & Vision
Acharya Shri Shyama Charan Jha का प्रमुख उद्देश्य वैदिक ज्ञान, ज्योतिष, वास्तु और आयुर्वेद से संबंधित अपने अध्ययन एवं अनुभव के माध्यम से समाज को मार्गदर्शन प्रदान करना है।
वे धर्म और अध्यात्म के प्रचार-प्रसार को लोक-कल्याण से जोड़कर देखते हैं तथा भारतीय आध्यात्मिक ज्ञान और साधना परंपराओं को आगे बढ़ाने की दिशा में कार्य करने की आकांक्षा रखते हैं।
उनका मानना है कि ज्ञान तभी सार्थक है जब उसका उपयोग समाज और मानव जीवन के कल्याण में किया जाए।
Philosophy
Acharya Shri Shyama Charan Jha के जीवन-दृष्टिकोण को एक पंक्ति में इस प्रकार व्यक्त किया जा सकता है:
“धर्म, सेवा और साधना को जीवन का आधार मानकर लोक-कल्याण के लिए समर्पित एक शाक्त साधक।”
Areas of Expertise
वैदिक ज्योतिष | जन्म कुंडली विश्लेषण | प्रश्न कुंडली | वास्तु शास्त्र | हस्तरेखा | धार्मिक अनुष्ठान | महामृत्युंजय मंत्र अनुष्ठान | नवग्रह संबंधी धार्मिक उपाय | कालसर्प दोष संबंधी धार्मिक उपाय | शाक्त साधना | श्रीविद्या साधना | माँ भुवनेश्वरी उपासना | श्रीमद् देवी भागवत कथा | श्रीमद् भागवत कथा | आयुर्वेद एवं स्वास्थ्य विषयों का अध्ययन
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Quick Profile
पूरा नाम: Acharya Shri Shyama Charan Jha
जन्मतिथि: 20 दिसंबर 1985
जन्म स्थान: ग्राम दुबराजपुर, पोस्ट दुबराजपुर, जिला गोड्डा, झारखंड
वर्तमान निवास: सत्संग नगर, गोड्डा, झारखंड – 814133
राष्ट्रीयता: भारतीय
शिक्षा: एम.ए. इतिहास, एम.ए. संस्कृत, बी.एड., एम.बी.ए., डी.फार्मा
मुख्य क्षेत्र: वैदिक ज्योतिष, वास्तु, धर्म एवं अध्यात्म
दीक्षा: वर्ष 2003, शाक्त परंपरा
गुरु: आचार्य श्री रामाधार चतुर्वेदी जी शास्त्री जी
आध्यात्मिक परंपरा: शाक्त साधना, श्रीविद्या एवं माँ भुवनेश्वरी उपासना
ज्योतिष परामर्श: उपलब्ध जानकारी के अनुसार वर्ष 2002 से
अनुभव: 10,000+ वैदिक कुंडली परामर्श का दावा एवं सैकड़ों धार्मिक अनुष्ठान
पूर्व पेशेवर अनुभव: शिक्षा एवं NGO क्षेत्र; सरकारी अस्पताल में Data Manager एवं Hospital Program Manager
Legacy & Purpose
Acharya Shri Shyama Charan Jha की जीवन-यात्रा शिक्षा, सेवा, धर्म और आध्यात्मिक साधना के विभिन्न आयामों को एक साथ प्रस्तुत करती है। वैदिक ज्योतिष से लेकर वास्तु, धार्मिक अनुष्ठानों और शाक्त साधना तक उनकी गतिविधियों का मूल उद्देश्य लोगों को भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं से परिचित कराना और अपने ज्ञान एवं अनुभव के माध्यम से समाज के कल्याण में योगदान देना है।
उनकी आगे की यात्रा का लक्ष्य भी इसी विचार पर केंद्रित है—ज्ञान से मार्गदर्शन, साधना से आत्मविकास और सेवा से लोक-कल्याण।



