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Acharya Venkatesh Sharma (W Singh)

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Acharya Venkatesh Sharma (W Singh)
Acharya Venkatesh Sharma (W Singh)
Full Name Acharya Venkatesh Sharma (W Singh)
Also Known As W Singh
Born 11 April 1977
Birth Place Sultanpur, Mokama, Patna district, Bihar
Fields of Work Politics; social service; education; Jyotish; Ayurveda and naturopathy research
Political Affiliations Bharatiya Janata Party; Lok Janshakti Party; Janata Dal (United); Independent
Political Career Associated with BJP organisational work in Bihar (1992–2003); joined Lok Janshakti Party and served as Bihar Pradesh General Secretary (2003); joined Janata Dal (United) and served as Bihar Pradesh General Secretary (2005–2008); left JD(U) and joined BJP on 12 November 2013; contested Bihar Legislative Council election from Patna Graduate constituency in 2014 as BJP candidate; also served in BJP state executive and BJP National Kisan Morcha; contested Bihar Legislative Council election as independent candidate from Patna Graduate constituency in October 2020
Key Positions State Executive Member, Bharatiya Janata Yuva Morcha (1998); Bihar Pradesh General Secretary, Lok Janshakti Party; Bihar Pradesh General Secretary, Janata Dal (United) (2005–2008); Senate Member, Patna University (2006–2009); BJP candidate for Bihar Legislative Council, Patna Graduate constituency (2014); Independent candidate for Bihar Legislative Council, Patna Graduate constituency (2020)
Education B.Sc. (Hons.) in Physics, Magadh University; Up-Shastri in Jyotish (Ganita), Kameshwar Singh Darbhanga Sanskrit University; Shastri in Jyotish (Ganita), Kameshwar Singh Darbhanga Sanskrit University; Acharya in Jyotish (Ganita), Banaras Hindu University; M.Sc. in Physics, Patna University; Diploma in Ayurveda, Shaheed Bhagat Singh Health & Education, Delhi
Founder Of Ram Narayan Seva Sansthan; Kashi Ved Vedang Vidyapeeth; Prakritik Chikitsa Jyotish Ayurveda Shodh Sansthan; Narayan Parivar; leadership role in Snatak Chetna Manch
Notable Work Book 'Shankh: Asankhya Dukhon Ka Nivaran' published February 2023; conducted experimental study in 2022 on effects of shankh abhyanga and shankh sound on more than 400 people
Public Life Summary Over three decades of organisational and public-interest activism, starting from student politics in the 1990s; led a seven-day hunger strike in 2001 related to student issues and administrative irregularities.

Acharya Venkatesh Sharma (W Singh)

राजनीतिक नेतृत्व • सामाजिक सेवा • शिक्षा • ज्योतिष • आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान

“कुछ लोग पदों से पहचाने जाते हैं, कुछ उपलब्धियों से; लेकिन कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं जिनकी पहचान उनके लंबे संघर्ष, विचार, संगठन और समाज के प्रति निरंतर समर्पण से बनती है।”


एक परिचय, जो केवल नाम नहीं—एक लंबी सार्वजनिक यात्रा का प्रतिनिधित्व करता है

Acharya Venkatesh Sharma, जिन्हें सार्वजनिक एवं राजनीतिक जीवन में W Singh के नाम से भी जाना जाता है, बिहार से जुड़े एक बहुआयामी सार्वजनिक व्यक्तित्व हैं। उनका जीवन राजनीति, छात्र नेतृत्व, संगठन निर्माण, शिक्षा, सामाजिक सेवा, भारतीय ज्योतिष, आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा जैसे अनेक क्षेत्रों को एक साथ जोड़ता है।

11 अप्रैल 1977 को जन्मे और सुल्तानपुर, मोकामा, जिला पटना, बिहार से संबंध रखने वाले Acharya Venkatesh Sharma ने कम आयु से ही सार्वजनिक जीवन को केवल करियर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाया। उनके प्रस्तुत बायोडाटा में राजनीति, समाजसेवा और आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान को उनके प्रमुख कार्यक्षेत्र के रूप में दर्ज किया गया है।

उनकी जीवन-यात्रा का सबसे उल्लेखनीय पक्ष उसकी विविधता और निरंतरता है। छात्र राजनीति से शुरू हुआ सफर प्रदेश स्तरीय संगठनात्मक जिम्मेदारियों, विश्वविद्यालयीय भूमिका, विधान परिषद चुनाव, सामाजिक संस्थाओं की स्थापना और पारंपरिक भारतीय ज्ञान परंपराओं पर अध्ययन तक पहुँचा।


छात्र राजनीति से नेतृत्व की पहली पहचान

सार्वजनिक जीवन की उनकी शुरुआत 1990 के दशक में विद्यार्थी परिषद से हुई। यह वही दौर था जब युवा Venkatesh Sharma ने छात्र समस्याओं, संगठन और जनहित के प्रश्नों के बीच स्वयं को सक्रिय करना शुरू किया।

दस्तावेज़ के अनुसार, वर्ष 2001 में उन्होंने छात्र हितों और प्रशासनिक अनियमितताओं से जुड़े मुद्दों पर सात दिवसीय अनशन का नेतृत्व किया, जिसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा मांगों पर कार्रवाई किए जाने का उल्लेख है।

यही वह दौर था जिसने उनके व्यक्तित्व में एक स्थायी विशेषता विकसित की—संघर्ष से पीछे न हटना और संगठन के माध्यम से आवाज़ को प्रभाव में बदलना।


भारतीय जनता पार्टी के संगठन से प्रारंभिक जुड़ाव

उनके राजनीतिक जीवन का महत्वपूर्ण अध्याय भारतीय जनता पार्टी से जुड़ा रहा। प्रस्तुत दस्तावेज़ के अनुसार, 1992 से 2003 के बीच उन्होंने बिहार में पार्टी संगठन के विस्तार से जुड़े कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई।

वर्ष 1998 में भारतीय जनता युवा मोर्चा की प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य के रूप में उन्हें जिम्मेदारी मिलने का भी उल्लेख है।

यह अनुभव उनके लिए केवल राजनीतिक पहचान का आधार नहीं बना, बल्कि बूथ से प्रदेश स्तर तक संगठन की संरचना, कार्यकर्ता-समन्वय और जनसंपर्क की व्यावहारिक समझ विकसित करने का माध्यम भी बना।


राजनीति के बदलते दौर में संगठनात्मक नेतृत्व

उनकी राजनीतिक यात्रा एक ही संगठन तक सीमित नहीं रही। वर्ष 2003 में वे लोक जनशक्ति पार्टी से जुड़े और बिहार में प्रदेश महासचिव की जिम्मेदारी संभालने का उल्लेख उनके बायोडाटा में मिलता है।

वर्ष 2005 के बिहार के जटिल राजनीतिक दौर से संबंधित उनकी भूमिका का विवरण भी दस्तावेज़ में समाचार-पत्र संदर्भों के साथ दर्ज किया गया है।

इसके बाद वे जनता दल (यूनाइटेड) से जुड़े और 2005 से 2008 तक बिहार प्रदेश महासचिव के रूप में संगठन विस्तार, जिला एवं बूथ स्तर की संरचनाओं को मजबूत करने तथा राज्यव्यापी राजनीतिक समन्वय से जुड़े कार्यों में सक्रिय रहे।


राजनीति के साथ शिक्षा जगत में भी सक्रिय भूमिका

Acharya Venkatesh Sharma की पहचान केवल राजनीतिक कार्यकर्ता के रूप में नहीं रही।

बायोडाटा में 2006 से 2009 तक पटना विश्वविद्यालय के Senate Member के रूप में उनकी भूमिका दर्ज है, जहाँ उन्होंने शैक्षणिक और प्रशासनिक विषयों में योगदान दिया।

राजनीतिक जीवन के बीच शिक्षा जगत से यह जुड़ाव उनके व्यक्तित्व का एक अलग पहलू सामने लाता है—संगठन के साथ बौद्धिक और संस्थागत भागीदारी।


भारतीय जनता पार्टी में पुनः प्रवेश और विधान परिषद की राजनीति

वर्ष 2013 उनके राजनीतिक जीवन में एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में सामने आता है।

प्रस्तुत दस्तावेज़ के अनुसार, 12 नवंबर 2013 को उन्होंने जनता दल (यू) छोड़कर अपने समर्थकों के साथ भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की, और इसके बाद उन्हें पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से बिहार विधान परिषद के लिए भाजपा प्रत्याशी घोषित किया गया।

2014 के बिहार विधान परिषद चुनाव में उन्होंने पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ा। बायोडाटा में उन्हें 14,000 से अधिक मत प्राप्त होने का उल्लेख है।

किसी भी सार्वजनिक व्यक्ति के लिए चुनाव केवल परिणाम नहीं होता; वह समाज में उसकी स्वीकृति, संगठनात्मक क्षमता और जनता तक पहुँच की भी परीक्षा होता है। इस दृष्टि से यह चुनाव उनके राजनीतिक सफर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव रहा।


प्रदेश से राष्ट्रीय संगठन तक

उनके दस्तावेज़ में भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति से जुड़ी जिम्मेदारियों का भी उल्लेख है। बाद के वर्षों में उन्हें पुनः प्रदेश कार्यसमिति में मनोनीत किए जाने तथा भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय किसान मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यसमिति में संगठनात्मक भूमिका निभाने का विवरण दर्ज है।

किसान, युवा, स्नातक और संगठनात्मक राजनीति से जुड़े मुद्दों पर काम करना उनकी राजनीतिक यात्रा का लगातार दिखाई देने वाला पक्ष रहा है।


जनहित के मुद्दों पर कानूनी एवं संस्थागत सक्रियता

Acharya Venkatesh Sharma के बायोडाटा में वर्ष 2017 के दौरान कुछ चर्चित राजनीतिक और कानूनी मामलों से जुड़ी उनकी सक्रियता का विस्तृत उल्लेख है।

प्रस्तुत दस्तावेज़ में दावा किया गया है कि उन्होंने IRCTC होटल टेंडर तथा ‘नौकरी के बदले जमीन’ से जुड़े मामलों में सूचनाएँ और दस्तावेज़ संबंधित जांच एजेंसियों तक पहुँचाए तथा न्यायिक हस्तक्षेप के लिए सर्वोच्च न्यायालय का रुख किया।

दस्तावेज़ के बाद के पृष्ठों में इन घटनाओं से संबंधित विभिन्न समाचार-पत्र कतरनों को भी प्रमाण-सामग्री के रूप में संलग्न किया गया है।

ऐसे विषय संवेदनशील राजनीतिक और कानूनी प्रकृति के होते हैं, इसलिए इन्हें उनके प्रस्तुत दस्तावेज़ में दर्ज सार्वजनिक दावों के रूप में ही प्रस्तुत करना उचित है।


2020: मुद्दा-आधारित स्वतंत्र राजनीतिक भागीदारी

अक्टूबर 2020 में उन्होंने पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में बिहार विधान परिषद चुनाव में भाग लिया

उनके अभियान में युवाओं के रोजगार, स्नातकों के अधिकार और कर्मचारियों की पेंशन जैसे विषयों को प्राथमिकता दिए जाने का उल्लेख मिलता है।

यह चरण दिखाता है कि उनकी राजनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा केवल संगठनात्मक पदों से नहीं, बल्कि विशिष्ट सामाजिक और शैक्षणिक वर्गों से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक विमर्श में स्थान देने से भी जुड़ा रहा।


एक असाधारण शैक्षणिक यात्रा

उनके जीवन का शायद सबसे विशिष्ट पक्ष यह है कि राजनीति की व्यस्तताओं के बीच उन्होंने अपने अध्ययन को कभी पूरी तरह पीछे नहीं छोड़ा।

उनके बायोडाटा में दर्ज शैक्षणिक योग्यताएँ आधुनिक विज्ञान और भारतीय पारंपरिक ज्ञान के बीच एक दुर्लभ संगम प्रस्तुत करती हैं:

B.Sc. Honours in Physics — Magadh University, Bodh Gaya
Up-Shastri, Jyotish (Ganita) — Kameshwar Singh Darbhanga Sanskrit University
Shastri, Jyotish (Ganita) — Kameshwar Singh Darbhanga Sanskrit University
Acharya, Jyotish (Ganita) — Banaras Hindu University, Varanasi
M.Sc. in Physics — Patna University
Diploma in Ayurveda — Shaheed Bhagat Singh Health & Education, Delhi

भौतिकी जैसे आधुनिक वैज्ञानिक विषय के साथ ज्योतिष गणित और आयुर्वेद का अध्ययन उनके बौद्धिक जीवन को विशिष्ट बनाता है।

यह यात्रा उस विचार को प्रतिबिंबित करती है कि ज्ञान को केवल आधुनिक और प्राचीन की सीमाओं में बाँटने के बजाय, दोनों परंपराओं को समझने और उनके बीच संवाद स्थापित करने की आवश्यकता है।


सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से स्थायी योगदान की कोशिश

सार्वजनिक जीवन को संस्थागत स्वरूप देना किसी व्यक्ति के लंबे दृष्टिकोण का संकेत माना जाता है।

उनके बायोडाटा में उन्हें कई संस्थाओं और पहलों का संस्थापक बताया गया है, जिनमें प्रमुख हैं:

Ram Narayan Seva Sansthan
Kashi Ved Vedang Vidyapeeth
Prakritik Chikitsa Jyotish Ayurveda Shodh Sansthan
Narayan Parivar
और Snatak Chetna Manch से जुड़ी नेतृत्वकारी भूमिका।

इन संस्थाओं के माध्यम से सामाजिक सेवा, शिक्षा, भारतीय ज्ञान परंपरा, प्राकृतिक चिकित्सा, ज्योतिष और जन-जागरूकता जैसे विषयों पर कार्य करने का प्रयास उनकी व्यापक सामाजिक दृष्टि को दर्शाता है।


शोध, आयुर्वेद और ‘शंख’ पर अध्ययन

Acharya Venkatesh Sharma के जीवन का एक अलग और जिज्ञासापूर्ण अध्याय शंख ध्वनि, आयुर्वेद तथा दैवव्यपाश्रय चिकित्सा से संबंधित अध्ययन है।

उनके प्रस्तुत दस्तावेज़ के अनुसार, वर्ष 2022 में 400 से अधिक लोगों पर शंख अभ्यंग एवं शंख ध्वनि के मानसिक, भावनात्मक तथा स्नायविक प्रभावों को लेकर एक प्रायोगिक अध्ययन किया गया।

इसी विषयगत रुचि का विस्तार उनकी पुस्तक:

“शंख: असंख्य दुखों का निवारण”

के रूप में सामने आया, जिसका प्रकाशन फरवरी 2023 में बताया गया है। पुस्तक में पारंपरिक ज्ञान, दर्शन और शंख से संबंधित स्वास्थ्य-संबंधी मान्यताओं का विश्लेषणात्मक संकलन प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है।

यह उनके व्यक्तित्व के उस पक्ष को सामने लाता है जिसमें राजनीति से परे अनुसंधान, परंपरा और भारतीय ज्ञान प्रणाली के प्रति गहरी रुचि दिखाई देती है।


तीन दशकों से अधिक की सार्वजनिक यात्रा

Acharya Venkatesh Sharma की जीवन-कथा को यदि एक पंक्ति में समझना हो, तो इसे संघर्ष से संगठन, संगठन से नेतृत्व और नेतृत्व से सामाजिक एवं बौद्धिक विस्तार की यात्रा कहा जा सकता है।

विद्यार्थी परिषद से आरंभ हुआ सफर भाजपा, लोक जनशक्ति पार्टी, जनता दल (यूनाइटेड), विश्वविद्यालयीय सीनेट, विधान परिषद चुनाव, किसान संगठन, सामाजिक संस्थाओं और अनुसंधान गतिविधियों से गुजरते हुए एक विस्तृत सार्वजनिक जीवन में बदल गया।

उनके स्वयं के बायोडाटा में इस यात्रा को तीन दशकों से अधिक की निरंतर संगठनात्मक एवं जनहित सक्रियता के रूप में प्रस्तुत किया गया है।


The Man Beyond Politics

किसी राजनेता को केवल उसके चुनावों से पढ़ना अधूरा होता है।

Acharya Venkatesh Sharma के जीवन को समझने के लिए उनके भीतर मौजूद अलग-अलग व्यक्तित्वों को एक साथ देखना आवश्यक है—

एक छात्र नेता,
एक संगठनकर्ता,
एक राजनीतिक कार्यकर्ता,
एक विश्वविद्यालयीय प्रतिनिधि,
एक सामाजिक संस्थापक,
एक ज्योतिषाचार्य,
एक आयुर्वेद-अध्येता,
एक लेखक,
और भारतीय परंपरा को अध्ययन के माध्यम से समझने का प्रयास करने वाला व्यक्ति।

यही बहुआयामी स्वरूप उनकी जीवन-कथा को सामान्य राजनीतिक परिचय से अलग करता है।


Legacy — संघर्ष से निर्मित पहचान

सार्वजनिक जीवन में पद बदल सकते हैं, चुनाव आते-जाते हैं और राजनीतिक परिस्थितियाँ भी बदलती रहती हैं। लेकिन किसी व्यक्ति की वास्तविक विरासत उस निरंतरता में बनती है जिसके साथ वह दशकों तक अपने विचार, लोगों और उद्देश्य से जुड़ा रहता है।

Acharya Venkatesh Sharma (W Singh) की प्रस्तुत जीवन-यात्रा इसी निरंतरता की कहानी है।

छात्र राजनीति से लेकर प्रदेश स्तर के संगठन तक, विधान परिषद के चुनाव से लेकर विश्वविद्यालय सीनेट तक, किसान राजनीति से सामाजिक संस्थाओं तक और आधुनिक भौतिकी से ज्योतिष एवं आयुर्वेद तक—उनकी यात्रा अलग-अलग संसारों को एक ही जीवन में जोड़ती दिखाई देती है।

उनकी सबसे बड़ी पहचान शायद कोई एक पद नहीं, बल्कि वह लंबा सफर है जिसमें संघर्ष, संगठन, अध्ययन, समाज और भारतीय ज्ञान परंपरा साथ-साथ चलते रहे।

Acharya Venkatesh Sharma (W Singh)

A Journey of Leadership, Learning, Public Service and Indian Knowledge Traditions.

“कुछ जीवन केवल जिए नहीं जाते—वे समय के साथ एक दस्तावेज़ बन जाते हैं। और जब उस दस्तावेज़ में संघर्ष, अध्ययन, सेवा और सार्वजनिक जीवन के तीन दशक दर्ज हों, तो वह केवल Biography नहीं रह जाती; वह एक Legacy बन जाती है।”

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