Akhand Bharat Sena Up Samiti Akhand Bhartiya Seva Samiti
सेवा से समाज, समाज से राष्ट्र — एक संकल्प, एक संगठन, एक सतत यात्रा
संस्थापक एवं अध्यक्ष: Alok Singh Rana
सामाजिक गतिविधियों का प्रारंभ: वर्ष 2015
औपचारिक पंजीकरण: वर्ष 2020–21
आधिकारिक वेबसाइट: Absena.in
मूल कार्यक्षेत्र: समाज सेवा, जनकल्याण, पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण, सामाजिक जागरूकता, जनसहयोग एवं राष्ट्रहित की भावना का प्रसार
परिचय
कुछ संस्थाएँ किसी औपचारिक घोषणा के साथ जन्म लेती हैं, जबकि कुछ की शुरुआत समाज की वास्तविक आवश्यकताओं को देखकर उठाए गए छोटे-छोटे कदमों से होती है। समय के साथ यही कदम एक विचार बनते हैं, विचार एक संकल्प में बदलता है और संकल्प लोगों को जोड़ते हुए एक संस्था का स्वरूप ग्रहण कर लेता है।
Akhand Bharat Sena Up Samiti Akhand Bhartiya Seva Samiti की यात्रा भी सेवा, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध से जुड़ी ऐसी ही एक यात्रा है।
Alok Singh Rana द्वारा स्थापित और उनके नेतृत्व में संचालित इस संस्था ने वर्ष 2015 से सामाजिक गतिविधियों की शुरुआत की। आरंभिक वर्षों में संस्था का केंद्र किसी औपचारिक पहचान के निर्माण से अधिक समाज के बीच कार्य करने और सेवा की भावना को व्यवहार में उतारने पर रहा। समय के साथ गतिविधियों का विस्तार हुआ, सहयोग करने वाले लोग जुड़े और एक व्यवस्थित संस्थागत ढाँचे की आवश्यकता अनुभव की गई। इसी क्रम में वर्ष 2020–21 में संस्था का औपचारिक पंजीकरण कराया गया।
इसलिए संस्था की कहानी केवल उसके पंजीकरण के वर्ष से प्रारंभ नहीं होती। उसकी वास्तविक यात्रा उन वर्षों से जुड़ी है जब सेवा का कार्य पहले से जमीन पर चल रहा था।
इस संगठन की मूल भावना में एक सरल लेकिन व्यापक विचार दिखाई देता है—राष्ट्र की सेवा समाज की सेवा से होकर गुजरती है।
जब किसी जरूरतमंद के साथ खड़ा हुआ जाता है, जब पर्यावरण को बचाने के लिए पौधा लगाया जाता है, जब लोगों को सामाजिक दायित्व के प्रति जागरूक किया जाता है, जब युवाओं को सकारात्मक कार्यों के लिए एक मंच मिलता है और जब निजी स्वार्थ से ऊपर उठकर सामूहिक हित के लिए प्रयास किया जाता है, तब राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया अपने वास्तविक अर्थ में आगे बढ़ती है।
यही विचार Akhand Bharat Sena Up Samiti Akhand Bhartiya Seva Samiti की संगठनात्मक पहचान का आधार है।
एक विचार से संस्था तक की यात्रा
वर्ष 2015 संस्था के इतिहास में केवल एक तारीख नहीं, बल्कि उस सामाजिक संकल्प का प्रारंभिक बिंदु है जिसने आगे चलकर संगठित स्वरूप प्राप्त किया।
समाज में समस्याओं की कमी कभी नहीं रही। कहीं आर्थिक कठिनाइयाँ हैं, कहीं सामाजिक असमानता, कहीं पर्यावरण को लेकर उदासीनता, तो कहीं ऐसे लोग हैं जिनमें समाज के लिए कुछ करने की इच्छा तो है, लेकिन उन्हें उचित मंच और दिशा नहीं मिलती।
ऐसी परिस्थितियों में सामाजिक संगठन की भूमिका केवल सहायता बाँटने तक सीमित नहीं रहती। एक प्रभावी संस्था लोगों और उनकी सकारात्मक इच्छाशक्ति के बीच सेतु का काम करती है।
इसी भावना के साथ संस्था की गतिविधियों को आगे बढ़ाया गया।
प्रारंभिक चरण में सबसे महत्वपूर्ण चीज किसी बड़े कार्यालय, संसाधन या औपचारिक पहचान का निर्माण नहीं था। महत्वपूर्ण था लोगों तक पहुँचना, सेवा की भावना विकसित करना और सामाजिक कार्यों को निरंतरता देना।
धीरे-धीरे संगठन के साथ लोगों का जुड़ाव बढ़ा। सेवा के विचार को अधिक व्यवस्थित रूप देने की आवश्यकता महसूस हुई। इसी क्रमिक विकास ने संस्था को वर्ष 2020–21 में औपचारिक पंजीकरण तक पहुँचाया।
यह अंतर संस्था के इतिहास को विशेष बनाता है—पंजीकरण से पहले सेवा और औपचारिक संरचना से पहले सामाजिक सक्रियता।
Alok Singh Rana — विचार से व्यवस्था तक
किसी भी सामाजिक संस्था के निर्माण के पीछे एक ऐसा व्यक्ति आवश्यक होता है जो केवल समस्या को देखे नहीं, बल्कि उसके समाधान की दिशा में पहला कदम उठाने का साहस भी करे।
Akhand Bharat Sena Up Samiti Akhand Bhartiya Seva Samiti के लिए वह भूमिका Alok Singh Rana ने निभाई।
संस्थापक एवं अध्यक्ष के रूप में उनकी भूमिका संस्था की स्थापना तक सीमित नहीं है। संगठन की दिशा निर्धारित करने, सामाजिक गतिविधियों को निरंतरता देने, लोगों को सेवा के विचार से जोड़ने और संस्था को औपचारिक स्वरूप तक पहुँचाने में उनका नेतृत्व केंद्रीय रहा है।
एक सामाजिक संगठन का निर्माण किसी एक दिन में नहीं होता।
इसके लिए लोगों का विश्वास अर्जित करना पड़ता है। स्वयंसेवकों को जोड़ना पड़ता है। संसाधनों की सीमाओं के बीच कार्य करना पड़ता है। कई बार अपेक्षित सहयोग न मिलने पर भी आगे बढ़ना पड़ता है। और सबसे महत्वपूर्ण—जिस उद्देश्य से यात्रा शुरू हुई हो, उसे समय के साथ जीवित रखना पड़ता है।
Alok Singh Rana के नेतृत्व में संस्था का विकास इसी निरंतरता को दर्शाता है।
उनकी संगठनात्मक सोच का महत्वपूर्ण पक्ष सेवा को केवल व्यक्तिगत परोपकार के रूप में न देखकर उसे सामूहिक सामाजिक जिम्मेदारी में बदलने का प्रयास है। एक व्यक्ति द्वारा किया गया सेवा कार्य महत्वपूर्ण है, लेकिन जब उसी भावना से अनेक लोग जुड़ते हैं तो उसका प्रभाव कहीं अधिक व्यापक हो जाता है।
यही कारण है कि संगठन में सदस्यता, सहयोग, दान और जनभागीदारी जैसे पहलुओं को भी स्थान दिया गया है।
संस्था का मूल दर्शन
Akhand Bharat Sena Up Samiti Akhand Bhartiya Seva Samiti के कार्यदर्शन को तीन शब्दों में समझा जा सकता है—
सेवा — संगठन — राष्ट्र
संस्था के लिए सेवा केवल किसी जरूरतमंद को तत्काल सहायता देने तक सीमित विचार नहीं है। सेवा का व्यापक अर्थ समाज की आवश्यकताओं के प्रति संवेदनशील होना है।
संगठन उस संवेदनशीलता को सामूहिक शक्ति में बदलने का माध्यम है।
और राष्ट्रभाव उस सामूहिक शक्ति को व्यापक सामाजिक हित से जोड़ता है।
संस्था की सोच में राष्ट्र कोई अमूर्त अवधारणा मात्र नहीं है। राष्ट्र उन करोड़ों लोगों से बनता है जो उसमें रहते हैं; उन परिवारों से बनता है जिनसे समाज बनता है; उस प्रकृति से बनता है जो जीवन का आधार है; और उन सामाजिक मूल्यों से बनता है जो नागरिकों को एक-दूसरे से जोड़ते हैं।
इस दृष्टिकोण से किसी जरूरतमंद की सहायता भी राष्ट्रसेवा है, पर्यावरण संरक्षण भी राष्ट्रसेवा है, सामाजिक जागरूकता भी राष्ट्रसेवा है और समाज में सहयोग की संस्कृति विकसित करना भी राष्ट्रसेवा का ही एक स्वरूप है।
उद्देश्य एवं मिशन
संस्था का व्यापक उद्देश्य समाज में ऐसी सेवा-संस्कृति विकसित करना है जिसमें नागरिक केवल अपनी व्यक्तिगत आवश्यकताओं तक सीमित न रहें, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्व को भी समझें।
संगठन का प्रयास है कि सेवा को अवसर विशेष की गतिविधि के बजाय निरंतर सामाजिक संस्कार के रूप में स्थापित किया जाए।
संस्था के प्रमुख उद्देश्यों में जरूरतमंद लोगों तक यथासंभव सहयोग पहुँचाना, समाज में परस्पर सहायता की भावना विकसित करना, युवाओं को सकारात्मक एवं रचनात्मक सामाजिक गतिविधियों से जोड़ना, पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता पैदा करना, वृक्षारोपण को प्रोत्साहित करना तथा समाज के विभिन्न वर्गों के बीच सहयोग की भावना मजबूत करना शामिल है।
इसके साथ ही संस्था सामाजिक कार्यों के लिए ऐसे लोगों को एक साझा मंच उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयासरत है, जिनमें समाज के लिए कुछ करने की इच्छा है।
संगठन की दृष्टि में सामाजिक परिवर्तन केवल किसी एक व्यक्ति या संस्था के प्रयास से संभव नहीं है। स्थायी परिवर्तन तब आता है जब सामान्य नागरिक स्वयं परिवर्तन की प्रक्रिया में भागीदार बनते हैं।
इसीलिए जनभागीदारी संस्था की कार्यप्रणाली का महत्वपूर्ण आधार है।
सेवा को जनआंदोलन बनाने का प्रयास
किसी संस्था की वास्तविक शक्ति उसके पदाधिकारियों की संख्या नहीं, बल्कि उसके उद्देश्य से जुड़ने वाले लोगों के विश्वास में होती है।
Akhand Bharat Sena Up Samiti Akhand Bhartiya Seva Samiti इसी सामूहिक भागीदारी की भावना को बढ़ाने का प्रयास करती है।
संस्था का उद्देश्य यह है कि समाज सेवा केवल कुछ व्यक्तियों की जिम्मेदारी बनकर न रह जाए। एक विद्यार्थी, युवा, व्यवसायी, किसान, कर्मचारी, गृहस्थ या वरिष्ठ नागरिक—हर व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार सामाजिक योगदान दे सकता है।
किसी के पास समय है तो वह स्वयंसेवा कर सकता है। किसी के पास अनुभव है तो वह मार्गदर्शन दे सकता है। कोई अपने संसाधनों से सहयोग कर सकता है और कोई संस्था के सामाजिक संदेश को अधिक लोगों तक पहुँचा सकता है।
इस प्रकार संगठन सेवा की अवधारणा को दाता और प्राप्तकर्ता के सीमित संबंध से निकालकर सामूहिक सामाजिक भागीदारी में बदलने का प्रयास करता है।
पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण
संस्था की उपलब्ध गतिविधियों में वृक्षारोपण विशेष रूप से दिखाई देता है।
आधिकारिक वेबसाइट पर प्रदर्शित संगठन की तस्वीर में सदस्यों एवं सहयोगियों को सामूहिक रूप से पौधा लगाते देखा जा सकता है। यह दृश्य केवल किसी कार्यक्रम की तस्वीर नहीं, बल्कि उस विचार का प्रतीक है जिसमें सामाजिक जिम्मेदारी को पर्यावरणीय जिम्मेदारी से जोड़ा गया है।
आज पर्यावरण संरक्षण किसी एक क्षेत्र या संस्था का विषय नहीं रह गया है। पेड़ों की कमी, बढ़ता प्रदूषण, जलवायु में परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ता दबाव समाज के प्रत्येक वर्ग को प्रभावित करता है।
ऐसे समय में वृक्षारोपण का महत्व केवल पौधा लगाने तक सीमित नहीं है।
एक पौधा भविष्य की छाया है।
एक पौधा स्वच्छ हवा की संभावना है।
एक पौधा मिट्टी और पर्यावरण की रक्षा की दिशा में योगदान है।
और सामूहिक वृक्षारोपण समाज में पर्यावरणीय चेतना पैदा करने का माध्यम भी है।
इसी कारण संस्था द्वारा वृक्षारोपण जैसी गतिविधियों को सामाजिक सेवा के व्यापक दृष्टिकोण से देखा जा सकता है।
जनकल्याण और सामाजिक सहयोग
संगठन की मूल अवधारणा में जनकल्याण महत्वपूर्ण स्थान रखता है।
समाज के प्रत्येक व्यक्ति की परिस्थितियाँ समान नहीं होतीं। अनेक लोग ऐसे होते हैं जिन्हें जीवन के अलग-अलग चरणों में सामाजिक सहयोग की आवश्यकता पड़ती है। एक संवेदनशील संस्था ऐसे लोगों और सहायता करने की इच्छा रखने वाले नागरिकों के बीच एक माध्यम की भूमिका निभा सकती है।
संस्था का प्रयास सामाजिक सहयोग की इसी संस्कृति को मजबूत करना है।
यह दृष्टिकोण केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है। किसी व्यक्ति की आवश्यकता को समझना, लोगों को जागरूक करना, सही संसाधनों तक पहुँच बनाने में सहयोग करना, सामाजिक अभियानों के माध्यम से समुदाय को जोड़ना और आवश्यकता के समय सामूहिक सहयोग खड़ा करना भी जनसेवा का हिस्सा है।
युवा शक्ति को सकारात्मक दिशा
भारत की सबसे बड़ी शक्तियों में उसकी युवा आबादी शामिल है। लेकिन युवा ऊर्जा का वास्तविक लाभ तभी मिलता है जब उसे सकारात्मक दिशा, उद्देश्य और मंच प्राप्त हो।
Akhand Bharat Sena Up Samiti Akhand Bhartiya Seva Samiti की संगठनात्मक भावना में युवाओं को सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ने की व्यापक संभावना निहित है।
युवा केवल भविष्य के नागरिक नहीं हैं; वे वर्तमान की परिवर्तनकारी शक्ति भी हैं।
वृक्षारोपण हो, सामाजिक जागरूकता हो, जरूरतमंदों के लिए सहयोग हो या किसी जनहितकारी अभियान को लोगों तक पहुँचाना—युवाओं की सक्रिय भागीदारी ऐसे प्रत्येक प्रयास को व्यापक बना सकती है।
संस्था का उद्देश्य ऐसी भावना को मजबूत करना है जिसमें युवा यह समझें कि राष्ट्रप्रेम केवल भावना नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी है।
डिजिटल युग में संगठन की उपस्थिति
समय के साथ समाज सेवा के तरीके भी बदले हैं। आज किसी संगठन की पहुँच केवल उसके भौतिक कार्यक्रमों से निर्धारित नहीं होती। डिजिटल माध्यम लोगों को जोड़ने, जानकारी उपलब्ध कराने और सहभागिता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
संस्था की आधिकारिक वेबसाइट Absena.in इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण माध्यम है।
उपलब्ध वेबसाइट दृश्य में संगठन ने सदस्य बनने की सुविधा, पहचान-पत्र से संबंधित व्यवस्था, संस्था परिचय, क्राउडफंडिंग, दान, दानदाताओं की सूची, गैलरी, ऑडिट रिपोर्ट, महत्वपूर्ण लिंक, लॉगिन तथा संपर्क जैसे अलग-अलग विकल्प उपलब्ध कराए हैं।
यह डिजिटल संरचना संस्था की गतिविधियों को केवल ऑफलाइन कार्यक्रमों तक सीमित न रखकर व्यापक समुदाय तक पहुँचाने की दिशा में प्रयास को दर्शाती है।
विशेष रूप से क्राउडफंडिंग और दान से संबंधित विकल्प यह बताते हैं कि संगठन सामाजिक अभियानों में जनसहयोग को महत्व देता है।
वहीं गैलरी संस्था के कार्यों और गतिविधियों को दृश्य रूप में सामने रखने का माध्यम बन सकती है और ऑडिट रिपोर्ट जैसा अलग अनुभाग संगठनात्मक दस्तावेजीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण व्यवस्था है।
सदस्यता और संगठन निर्माण
किसी भी सामाजिक संस्था की दीर्घकालीन शक्ति उसके सक्रिय सदस्यों में निहित होती है।
वे केवल संगठन का नाम आगे बढ़ाने वाले लोग नहीं होते, बल्कि उसके विचारों को जमीन पर उतारने वाले प्रतिनिधि होते हैं।
संस्था की वेबसाइट पर सदस्यता आवेदन और पहचान-पत्र से संबंधित विकल्प का होना यह दर्शाता है कि संगठन अपने साथ लोगों को औपचारिक रूप से जोड़ने की व्यवस्था भी विकसित कर रहा है।
सदस्यता का वास्तविक उद्देश्य संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि जिम्मेदारी बढ़ाना होना चाहिए।
संगठन से जुड़ने वाला प्रत्येक व्यक्ति जब सेवा, अनुशासन, सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रहित को व्यक्तिगत आचरण का हिस्सा बनाता है, तभी संस्था का वास्तविक विस्तार होता है।
प्रमुख गतिविधियाँ एवं परियोजनाएँ
संस्था की वर्तमान यात्रा को देखते हुए उसके प्रमुख कार्यक्षेत्रों में सामाजिक सेवा, जनसहयोग, पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण, सामाजिक जागरूकता, सदस्यता विस्तार और जनभागीदारी आधारित अभियानों को प्रमुखता से देखा जा सकता है।
इनमें वृक्षारोपण एक प्रत्यक्ष रूप से प्रदर्शित गतिविधि है।
इसके अतिरिक्त संस्था द्वारा डिजिटल स्तर पर क्राउडफंडिंग की व्यवस्था सामाजिक उद्देश्यों के लिए संसाधन जुटाने और जनसहयोग प्राप्त करने का माध्यम प्रदान करती है।
दान की व्यवस्था उन नागरिकों के लिए सहभागिता का मार्ग बनाती है जो संस्था के उद्देश्यों से सहमत हैं और सामाजिक कार्यों में आर्थिक सहयोग देना चाहते हैं।
गैलरी के माध्यम से गतिविधियों का दस्तावेजीकरण और वेबसाइट के माध्यम से संगठन से जुड़ने की व्यवस्था आधुनिक सामाजिक संस्था के लिए महत्वपूर्ण कदम हैं।
अब तक की महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ
किसी सामाजिक संस्था की उपलब्धि का मूल्यांकन केवल पुरस्कारों से नहीं किया जा सकता।
कई बार उसकी सबसे बड़ी उपलब्धि यह होती है कि वह वर्षों तक अपने मूल उद्देश्य को जीवित रखे।
इस दृष्टि से संस्था की पहली महत्वपूर्ण उपलब्धि है—वर्ष 2015 से सामाजिक गतिविधियों की निरंतर यात्रा।
दूसरी महत्वपूर्ण उपलब्धि है कि प्रारंभिक सामाजिक प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए संस्था ने वर्ष 2020–21 में औपचारिक पंजीकरण प्राप्त किया।
तीसरा महत्वपूर्ण पक्ष संस्था का डिजिटल ढाँचा है, जिसके माध्यम से सदस्यता, दान, क्राउडफंडिंग, गैलरी, ऑडिट रिपोर्ट और संपर्क जैसी व्यवस्थाओं को एक मंच पर लाने का प्रयास किया गया है।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में वृक्षारोपण गतिविधियों की मौजूदगी भी संस्था की सामाजिक प्रतिबद्धता का दृश्य उदाहरण प्रस्तुत करती है।
सबसे बढ़कर, संगठन का वर्षों तक सक्रिय रहना यह दर्शाता है कि इसकी स्थापना किसी क्षणिक उद्देश्य के लिए नहीं, बल्कि दीर्घकालीन सामाजिक भूमिका की सोच के साथ हुई है।
पारदर्शिता और जनविश्वास की दिशा
सामाजिक संस्था के लिए विश्वास उसकी सबसे बड़ी पूँजी होता है।
लोग किसी संगठन से तभी लंबे समय तक जुड़ते हैं जब उन्हें उसके उद्देश्य, कार्यप्रणाली और संसाधनों के उपयोग के प्रति भरोसा हो।
इसी संदर्भ में संस्था की वेबसाइट पर दानदाताओं की सूची तथा ऑडिट रिपोर्ट जैसे अनुभाग उल्लेखनीय हैं। ऐसे प्रावधान संगठनात्मक पारदर्शिता को मजबूत करने की दिशा में उपयोगी माध्यम हो सकते हैं।
सामाजिक क्षेत्र में कार्य करने वाली संस्था जितनी अधिक जवाबदेह और पारदर्शी होगी, उतना ही मजबूत उसका जनविश्वास बन सकता है।
संस्था की पहचान — केवल नाम नहीं, एक जिम्मेदारी
Akhand Bharat Sena Up Samiti Akhand Bhartiya Seva Samiti का नाम अपने भीतर व्यापक राष्ट्रीय भावना को अभिव्यक्त करता है।
लेकिन किसी भी नाम की वास्तविक प्रतिष्ठा उसके साथ जुड़े कार्यों से बनती है।
इसीलिए संगठन की सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी यह है कि सेवा, सामाजिक सद्भाव, पर्यावरणीय चेतना और जनकल्याण को निरंतर अपने कार्यों के केंद्र में रखे।
राष्ट्र के प्रति प्रेम का सबसे प्रभावी रूप नागरिक कर्तव्य है।
जब कोई व्यक्ति अपने आसपास स्वच्छता का ध्यान रखता है, पेड़ लगाता है, जरूरतमंद की सहायता करता है, समाज में सद्भाव बनाए रखने का प्रयास करता है और निजी हित से ऊपर सार्वजनिक हित को महत्व देता है, तब वह अपने स्तर पर राष्ट्र को मजबूत कर रहा होता है।
यही भावना संगठन की सामाजिक भूमिका को अर्थ प्रदान करती है।
भविष्य की दृष्टि
किसी संगठन की यात्रा का मूल्य केवल इस बात से नहीं निर्धारित होता कि उसने कहाँ से शुरुआत की, बल्कि इस बात से भी कि वह आगे किस दिशा में जाना चाहता है।
Akhand Bharat Sena Up Samiti Akhand Bhartiya Seva Samiti के सामने भविष्य में अपने सामाजिक कार्यों को अधिक व्यवस्थित, व्यापक और प्रभावी बनाने की बड़ी संभावनाएँ हैं।
संस्था अपने सदस्य आधार को मजबूत करते हुए अधिक स्वयंसेवकों को सामाजिक गतिविधियों से जोड़ सकती है। वृक्षारोपण जैसे अभियानों को नियमित पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रमों का स्वरूप दिया जा सकता है। सामाजिक सहायता अभियानों के प्रभाव का व्यवस्थित दस्तावेजीकरण संस्था की विश्वसनीयता को और मजबूत कर सकता है।
डिजिटल माध्यम से जनभागीदारी, पारदर्शिता और गतिविधियों की जानकारी को अधिक सुलभ बनाना भी संस्था के भविष्य के विकास का महत्वपूर्ण आधार बन सकता है।
दीर्घकालीन दृष्टि यही हो सकती है कि संगठन की पहचान केवल किसी एक क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रमों तक सीमित न रहे, बल्कि सेवा के एक अनुशासित और विश्वसनीय मॉडल के रूप में विकसित हो।
एक पौधे से लेकर एक पीढ़ी तक
संस्था की वेबसाइट पर दिखाई देने वाली वृक्षारोपण की तस्वीर अपने भीतर एक सुंदर प्रतीक समेटे हुए है।
जब कोई व्यक्ति पौधा लगाता है तो वह उस वृक्ष की छाया शायद स्वयं के लिए नहीं लगाता। वह आने वाले समय के लिए कुछ छोड़ता है।
समाज सेवा का स्वभाव भी कुछ ऐसा ही है।
हर प्रयास का परिणाम तुरंत दिखाई नहीं देता। आज किसी युवा को सेवा से जोड़ने का प्रभाव वर्षों बाद दिखाई दे सकता है। आज लगाया गया पौधा वर्षों बाद विशाल वृक्ष बन सकता है। आज किसी जरूरतमंद को मिला सहयोग उसके पूरे परिवार के भविष्य पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।
इसलिए सामाजिक कार्य का मूल्य केवल तत्काल परिणामों में नहीं, बल्कि उन संभावनाओं में भी होता है जिन्हें वह जन्म देता है।
एक दशक से आगे बढ़ता संकल्प
2015 में शुरू हुई यात्रा ने समय के साथ कई चरण देखे हैं।
एक विचार ने गतिविधि का रूप लिया।
गतिविधियों ने लोगों को जोड़ा।
लोगों के जुड़ाव ने संगठन की आवश्यकता पैदा की।
और संगठन ने वर्ष 2020–21 में औपचारिक पंजीकृत स्वरूप प्राप्त किया।
आज इस यात्रा के सामने अगला लक्ष्य केवल वर्षों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि सेवा की गुणवत्ता और सामाजिक प्रभाव को बढ़ाना है।
संगठन जितना अपने कार्यों का व्यवस्थित रिकॉर्ड तैयार करेगा, जितनी पारदर्शिता के साथ समाज के सामने अपने प्रयास रखेगा और जितनी मजबूती से स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित एवं प्रेरित करेगा, उसकी सामाजिक भूमिका उतनी ही स्थायी होती जाएगी।
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आधिकारिक वेबसाइट: https://absena.in/
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सदस्यता आवेदन: https://absena.in/ — वेबसाइट के Member Apply सेक्शन से
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आधिकारिक डिजिटल उपस्थिति
Akhand Bharat Sena Up Samiti Akhand Bhartiya Seva Samiti की गतिविधियों, सदस्यता, सामाजिक अभियानों, क्राउडफंडिंग, दान, गैलरी, ऑडिट रिपोर्ट एवं अन्य आधिकारिक जानकारियों के लिए संस्था की वेबसाइट देखें: https://absena.in/
नोट: Screenshot से मुझे केवल public_crowdfunding.php का exact internal URL स्पष्ट दिख रहा है। बाकी internal page URLs मैं अनुमान लगाकर नहीं दूँगा। मुख्य वेबसाइट का लिंक पूरी तरह स्पष्ट है।
निष्कर्ष
Akhand Bharat Sena Up Samiti Akhand Bhartiya Seva Samiti की कहानी मूलतः एक सामाजिक संकल्प की कहानी है—ऐसा संकल्प जिसकी व्यावहारिक यात्रा वर्ष 2015 में प्रारंभ हुई और जिसे वर्ष 2020–21 में औपचारिक संस्थागत पहचान मिली।
इसके केंद्र में Alok Singh Rana का नेतृत्व है, जिन्होंने संस्थापक एवं अध्यक्ष के रूप में सेवा के विचार को संगठनात्मक स्वरूप देने की दिशा में कार्य किया।
पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण से लेकर जनसहयोग, सदस्यता और डिजिटल सहभागिता तक संस्था ने अपने लिए ऐसा क्षेत्र चुना है जहाँ समाज के सामान्य नागरिक भी योगदानकर्ता बन सकते हैं।
संस्था की वेबसाइट Absena.in पर सदस्यता, दान, क्राउडफंडिंग, दानदाताओं की सूची, गैलरी, ऑडिट रिपोर्ट तथा संपर्क जैसी व्यवस्थाओं की उपस्थिति उसके संगठनात्मक विस्तार की दिशा को दर्शाती है।
लेकिन किसी संस्था की सबसे बड़ी पहचान वेबसाइट, कार्यालय या दस्तावेज नहीं होते।
उसकी सबसे बड़ी पहचान वह विश्वास होता है जो वह समाज में अर्जित करती है; वे हाथ होते हैं जो सेवा के लिए आगे बढ़ते हैं; वे लोग होते हैं जो बिना व्यक्तिगत लाभ की अपेक्षा के किसी अच्छे उद्देश्य से जुड़ते हैं; और वे कार्य होते हैं जो आने वाले समय में संस्था की कहानी स्वयं कहते हैं।
Alok Singh Rana के नेतृत्व में आगे बढ़ रही Akhand Bharat Sena Up Samiti Akhand Bhartiya Seva Samiti की यात्रा इसी विचार को अभिव्यक्त करती है कि—
समाज की शक्ति संगठन में है, संगठन की आत्मा सेवा में है और सेवा का सर्वोच्च उद्देश्य राष्ट्र एवं मानवता का कल्याण है।
जब सेवा केवल कार्यक्रम न रहकर संस्कार बन जाए, जब संगठन केवल पदों का ढाँचा न रहकर जिम्मेदार नागरिकों का परिवार बन जाए, और जब राष्ट्रप्रेम केवल शब्दों में नहीं बल्कि समाज के लिए किए गए कार्यों में दिखाई देने लगे—तभी किसी सामाजिक संस्था की स्थापना अपने वास्तविक उद्देश्य को प्राप्त करती है।
यही इस संगठन की यात्रा का आधार है, यही उसकी पहचान है और यही उसके भविष्य की सबसे बड़ी संभावना।
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