डॉ. राम नरेश शर्मा
कलम की शक्ति से समाज परिवर्तन का संकल्प लेकर आगे बढ़ने वाले निर्भीक पत्रकार, समाजसेवी एवं कृषि शोधकर्ता
भारत की मिट्टी ने समय-समय पर ऐसे व्यक्तित्वों को जन्म दिया है जिन्होंने अपने ज्ञान, कर्म और साहस से समाज को नई दिशा दी है। डॉ. राम नरेश शर्मा उन्हीं प्रेरणादायी व्यक्तित्वों में से एक हैं। मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के रायपुरा ग्राम में जन्मे डॉ. शर्मा ने अपने जीवन को केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित नहीं रखा, बल्कि समाज के उत्थान, निष्पक्ष पत्रकारिता और जनहित के लिए समर्पित कर दिया। वे एक ऐसे पत्रकार हैं जो मानते हैं कि "कलम केवल शब्द नहीं लिखती, बल्कि समाज का भविष्य भी गढ़ती है।"
शुरुआत से ही शिक्षा के प्रति उनकी गहरी रुचि रही। उन्होंने मास्टर ऑफ सोशल वर्क (MSW) तथा कृषि विषय में पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त की। सामाजिक विज्ञान और कृषि के क्षेत्र में उनकी गहरी समझ ने उन्हें समाज की वास्तविक समस्याओं को करीब से देखने और उनके समाधान के लिए कार्य करने की प्रेरणा दी।
पत्रकारिता के क्षेत्र में डॉ. शर्मा ने अपनी एक अलग पहचान बनाई। वे सत्य, निष्पक्षता और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने वाले पत्रकार के रूप में जाने जाते हैं। उनका मानना है कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति एक निर्भीक और ईमानदार पत्रकारिता है। उन्होंने हमेशा अपनी लेखनी को समाज में व्याप्त भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और कामचोरी के विरुद्ध एक प्रभावशाली हथियार के रूप में उपयोग किया। उनके समाचार और लेख केवल घटनाओं का वर्णन नहीं करते, बल्कि व्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास भी करते हैं।
पत्रकारिता के साथ-साथ डॉ. शर्मा समाजसेवा के क्षेत्र में भी सक्रिय हैं। वे समाज के वंचित और जरूरतमंद वर्गों के उत्थान के लिए निरंतर कार्य करते हैं। उनका विश्वास है कि किसी भी समाज की वास्तविक प्रगति तभी संभव है जब शिक्षा, जागरूकता और सेवा को जीवन का आधार बनाया जाए।
उनके उत्कृष्ट कार्यों को विभिन्न राष्ट्रीय संस्थाओं ने सम्मानित भी किया है। वर्ष 2019 में दिल्ली में उन्हें प्रतिष्ठित BCR Award से सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त उन्हें नारायण सेवा संस्थान द्वारा भी समाज एवं मानव सेवा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मान प्राप्त हुआ। ये सम्मान उनके समर्पण, ईमानदारी और निरंतर सामाजिक योगदान का प्रमाण हैं।
डॉ. शर्मा के व्यक्तित्व का एक महत्वपूर्ण पक्ष उनका पारिवारिक जीवन भी है। वे अपने माता-पिता के संस्कारों को अपनी सबसे बड़ी पूंजी मानते हैं। उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कृष्णा गौतम तथा पुत्री मान्या शर्मा उनके जीवन की प्रेरणा और शक्ति हैं। परिवार के सहयोग ने उन्हें हर परिस्थिति में आगे बढ़ने का साहस दिया है।
व्यस्त जीवन के बावजूद वे संगीत सुनना, क्रिकेट देखना तथा समाजसेवा जैसे कार्यों में विशेष रुचि रखते हैं। उनका मानना है कि जीवन में संतुलन, संवेदनशीलता और निरंतर सीखने की प्रवृत्ति ही व्यक्ति को महान बनाती है।
आज डॉ. राम नरेश शर्मा केवल एक पत्रकार नहीं, बल्कि जनविश्वास की आवाज़, सामाजिक चेतना के प्रहरी और सत्य की राह पर चलने वाले एक प्रेरणादायी व्यक्तित्व के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। उनका जीवन इस बात का उदाहरण है कि जब ज्ञान, ईमानदारी और सेवा का संकल्प एक साथ जुड़ते हैं, तब एक व्यक्ति लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।
उनका लक्ष्य केवल समाचार प्रकाशित करना नहीं, बल्कि समाज में न्याय, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करना है। वे आने वाली पीढ़ी के लिए यह संदेश छोड़ते हैं कि सच्ची सफलता पद या प्रसिद्धि से नहीं, बल्कि समाज के लिए किए गए ईमानदार कार्यों से प्राप्त होती है।
संक्षिप्त परिचय (Profile)
पूरा नाम: डॉ. राम नरेश शर्मा
जन्मतिथि: 20 जनवरी 1990 (यदि वर्ष अलग है तो कृपया सही वर्ष उपलब्ध कराएँ)
जन्मस्थान: रायपुरा, जिला श्योपुर, मध्य प्रदेश, भारत
शिक्षा: एम.एस.डब्ल्यू. (MSW), कृषि विषय में पीएच.डी.
व्यवसाय: पत्रकार, समाजसेवी एवं कृषि शोधकर्ता
विशेष रुचियाँ: संगीत, क्रिकेट, समाजसेवा
कौशल: खोजी एवं जनहित पत्रकारिता
जीवन लक्ष्य: अपनी कलम के माध्यम से भ्रष्टाचार, अन्याय और कामचोरी के विरुद्ध आवाज़ उठाकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना।
सम्मान: BCR Award 2019 (दिल्ली), नारायण सेवा संस्थान द्वारा सम्मानित।
परिवार: माता-पिता, धर्मपत्नी श्रीमती कृष्णा गौतम एवं पुत्री मान्या शर्मा।
प्रेरणादायी उद्धरण
"कलम की असली ताकत सत्ता की प्रशंसा में नहीं, बल्कि सत्य के पक्ष में निर्भीक होकर खड़े होने में है। जब शब्द समाज के हित में लिखे जाते हैं, तब वे इतिहास बदलने की क्षमता रखते हैं।"
नोट: आपने जन्मतिथि में 20/1/190 लिखा है, जो अधूरी प्रतीत होती है। यदि सही वर्ष 1990 या कोई अन्य है, तो कृपया बताएं, ताकि जीवनी को पूर्णतः सटीक बनाया जा सके।