Prof. (Dr.) Arjun Ganpati Chavan
वरिष्ठ शिक्षाविद्, साहित्यकार, समीक्षक, अनुवादक एवं शोध-निर्देशक
Prof. (Dr.) Arjun Ganpati Chavan हिंदी साहित्य, उच्च शिक्षा, शोध, अनुवाद एवं अकादमिक जगत के प्रतिष्ठित विद्वान हैं। वे शिवाजी विश्वविद्यालय, कोल्हापुर के हिंदी विभाग में प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष के रूप में सेवाएँ दे चुके हैं। लगभग 38 वर्षों के अध्यापन अनुभव, 65 से अधिक पुस्तकों, 150 से अधिक शोधपत्रों, 60 शोधार्थियों के मार्गदर्शन तथा 550 से अधिक राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठियों में सहभागिता के साथ उनका साहित्यिक एवं अकादमिक योगदान व्यापक और बहुआयामी रहा है। Arjun_Chavan_Profile_V2
व्यक्तिगत परिचय
पूरा नाम: Prof. (Dr.) Arjun Ganpati Chavan
जन्म तिथि: 12 अप्रैल 1961
जन्म स्थान: महाराष्ट्र
मूल निवास: पारेवाड़ी, जिला धाराशिव, महाराष्ट्र
पिता: स्व. गणपति दगड़ू चव्हाण
माता: स्व. सीताबाई चव्हाण
जीवनसाथी: श्रीमती अनीता चव्हाण
लेखन भाषाएँ: हिंदी, मराठी एवं अंग्रेजी
विशेष पहचान: अहिंदीभाषी हिंदी लेखक एवं वरिष्ठ शिक्षाविद् Arjun_Chavan_Profile_V2
शैक्षणिक योग्यता
उन्होंने हिंदी विषय में उच्च शिक्षा प्राप्त करते हुए एम.ए., बी.एड. तथा पीएच.डी. की उपाधियाँ अर्जित कीं। उनका उच्च शिक्षण शिवाजी विश्वविद्यालय, कोल्हापुर से संबंधित रहा।
पीएच.डी. — हिंदी, शिवाजी विश्वविद्यालय, कोल्हापुर
एम.ए. — हिंदी विशेष, शिवाजी विश्वविद्यालय, कोल्हापुर
बी.एड. — हिंदी एवं इतिहास, शिवाजी विश्वविद्यालय, कोल्हापुर
बी.ए. — हिंदी ऑनर्स, श्रीमान भाऊसाहेब झाडबुके महाविद्यालय, बार्शी, सोलापुर Arjun_Chavan_Profile_V2
व्यावसायिक एवं शैक्षणिक अनुभव
उनके अध्यापन कार्य की शुरुआत जून 1986 में हुई। उन्होंने मथुबाई गरवारे कन्या महाविद्यालय, सांगली; शिवशाहू महाविद्यालय, सरूड, शाहुवाडी तथा कर्मवीर भाऊराव पाटील महाविद्यालय, इस्लामपुर में अध्यापन किया।
3 जुलाई 1993 से 30 अप्रैल 2021 तक वे शिवाजी विश्वविद्यालय, कोल्हापुर के हिंदी विभाग में सहायक प्राध्यापक, सहयोगी प्राध्यापक, प्राध्यापक, शोध-निर्देशक एवं विभागाध्यक्ष के रूप में कार्यरत रहे।
सेवानिवृत्ति के पश्चात भी उन्होंने वर्ष 2024 तक शिवाजी विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में मानद प्रोफेसर के रूप में अध्यापन कार्य जारी रखा। उनका कुल अध्यापन अनुभव लगभग 38 वर्षों का रहा है। Arjun_Chavan_Profile_V2
प्रशासनिक एवं अकादमिक दायित्व
उन्होंने विश्वविद्यालय स्तर पर अनेक महत्वपूर्ण शैक्षणिक एवं प्रशासनिक जिम्मेदारियों का निर्वहन किया है।
विभागाध्यक्ष, हिंदी विभाग, शिवाजी विश्वविद्यालय
अध्यक्ष, विभागीय शोध समिति
अध्यक्ष, शोध सलाहकार समिति
निदेशक, केंद्रीय मूल्यांकन योजना
अध्यक्ष, हिंदी शोध समिति
संयोजक एवं समन्वयक, 35 से अधिक संगोष्ठियाँ, अधिवेशन एवं कार्यशालाएँ Arjun_Chavan_Profile_V2
शोध-निर्देशन
उनके निर्देशन में कुल 60 शोधार्थियों ने उच्च शोध उपाधियाँ प्राप्त की हैं।
26 शोधार्थी — पीएच.डी.
34 शोधार्थी — एम.फिल.
2 शोधार्थी — पीएच.डी. हेतु कार्यरत
उनके निर्देशन में राजेंद्र यादव, कमलेश्वर, निर्मल वर्मा, कृष्णा सोबती, मैत्रेयी पुष्पा, संजीव, नागार्जुन, हरिशंकर परसाई, राही मासूम रज़ा तथा श्रीलाल शुक्ल जैसे महत्वपूर्ण साहित्यकारों के साहित्य पर शोध कार्य किए गए हैं। Arjun_Chavan_Profile_V2
शोध-प्रबंध मूल्यांकन
उन्होंने देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के 500 से अधिक पीएच.डी., डी.लिट. एवं एम.फिल. शोध-प्रबंधों का परीक्षण एवं मूल्यांकन किया है। Arjun_Chavan_Profile_V2
प्रमुख शोध परियोजनाएँ
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, नई दिल्ली के सहयोग से उन्होंने दो महत्वपूर्ण शोध परियोजनाएँ पूर्ण कीं:
“अनुवाद : समस्याएँ एवं समाधान” — 1994 से 1996
“समकालीन हिंदी तथा मराठी बृहद उपन्यासों का वैचारिक पक्ष : तुलनात्मक विमर्श” — 2003 से 2006 Arjun_Chavan_Profile_V2
साहित्यिक परिचय
उनका साहित्यिक कार्य केवल एक विधा तक सीमित नहीं है। वे निम्न साहित्यिक विधाओं में सक्रिय रहे हैं:
समीक्षा
अनुवाद
संपादन
कहानी
लघुकथा
व्यंग्य
गीत
ग़ज़ल
यात्रा-वृत्तांत
मुक्तक
निबंध
उनके लेखन में मानवतावादी संवेदना, सामाजिक चेतना, वैज्ञानिक दृष्टि, राष्ट्रप्रेम, भाषा, संस्कृति तथा समकालीन सामाजिक प्रश्नों को विशेष स्थान प्राप्त है। Arjun_Chavan_Profile_V2
प्रकाशन एवं साहित्यिक योगदान
प्रकाशित पुस्तकें: 65 से अधिक
शोधपत्र एवं लेख: 150 से अधिक
संपादित पुस्तकें: लगभग 30
पुस्तकों की भूमिकाएँ: 50 से अधिक
राष्ट्रीय स्तर की पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशन: 125 से अधिक
अंतर्राष्ट्रीय पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशन: 25 से अधिक Arjun_Chavan_Profile_V2
प्रमुख साहित्यिक कृतियाँ
अनुवाद एवं अनुवाद-चिंतन
अनुवाद चिंतन
अनुवाद : समस्याएँ एवं समाधान Arjun_Chavan_Profile_V2
समीक्षा एवं आलोचना
आधुनिक हिंदी कालजयी साहित्य
मीडिया कालीन हिंदी : स्वरूप एवं संभावनाएँ
समकालीन उपन्यासों का वैचारिक पक्ष तथा विमर्श के विविध आयाम
उपन्यासकार राजेंद्र यादव
राजेंद्र यादव के उपन्यासों में मध्यवर्गीय जीवन
साहित्यिक शोध और बोध
दलित और आदिवासी साहित्य चिंतन के आद्य बिंदु
विश्वमंच पर हिंदी : विविध आयाम
सदी का श्रेष्ठ साहित्य और साहित्यकार Arjun_Chavan_Profile_V2
व्यंग्य
जरा याद करो कुर्बानी Arjun_Chavan_Profile_V2
कहानी एवं लघुकथा
गूँगा, बहरा तथा अन्य कहानियाँ Arjun_Chavan_Profile_V2
काव्य
जय बोलनेवाले
ओ री प्रौद्योगिकी Arjun_Chavan_Profile_V2
प्रमुख ग़ज़ल संग्रह
गजल @ इंडिया डॉट कॉम
गालिब पूँजी-दुष्यंत मेरा लक्ष्य है
कोरोना की कृपा से
कश्ती लेकर हम हैं
तब दिवाली है
हमारे प्यारे देश से
मकान नहीं, मन को भी साफ कर
वो क्या हँसेंगे भला, जिन्हें रोना नहीं आता
प्यार-व्यार की ग़ज़लें लिखते नहीं हम
लोग आज-कल जाने क्या-क्या खाते हैं Arjun_Chavan_Profile_V2
शायरी
दस्तक दोस्ती के दास्तान की Arjun_Chavan_Profile_V2
यात्रा-वृत्तांत
मॉरिशस : एक सांस्कृतिक यात्रा Arjun_Chavan_Profile_V2
अनुवाद के क्षेत्र में योगदान
हिंदी एवं मराठी भाषाओं के बीच साहित्यिक सेतु निर्माण में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने मराठी साहित्य की अनेक प्रतिष्ठित कृतियों को हिंदी पाठकों तक पहुँचाया है।
प्रमुख अनुवादों में:
डेराडंगर
क्षितिज स्पर्श और अन्य कहानियाँ
होटल मेरा देश
महीन क्रांति संग्राम
अंधेरे में बैठा काला मट्ठर बैल
मानगाँव परिषद
कैलास गढ़ी की स्वारी
उनकी कृति “मॉरिशस : एक सांस्कृतिक यात्रा” का मराठी अनुवाद भी प्रकाशित हुआ है। Arjun_Chavan_Profile_V2
राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय सम्मान
उन्हें राज्य, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर 50 से अधिक पुरस्कार एवं सम्मान प्राप्त हुए हैं। Arjun_Chavan_Profile_V2
प्रमुख सम्मानों में शामिल हैं:
हिंदी साहित्य अकादमी मॉरिशस सम्मान — 2015
साहित्य शिरोमणि सम्मान — 2015
यात्रा वृत्तांत लेखन प्रथम पुरस्कार — 2015
यात्रा वृत्तांत सम्मान, ताशकंद — 2015
साहित्य निधि सम्मान — 2015
पंडित महावीर प्रसाद द्विवेदी पुरस्कार — 1997-98
राष्ट्रीय हिंदी सेवी सहस्राब्दी सम्मान — 2000
युवा प्रेरक मार्गदर्शक सम्मान — 2001
भारतेंदु भूषण राष्ट्रीय सम्मान — 2010
पाब्लो नेरुदा इंटरनेशनल अवार्ड फ़ॉर एक्सीलेंस इन लिटरेचर — 2015
राजरत्न सद्भावना राज्यस्तरीय पुरस्कार — 2016
सुब्रह्मण्य भारती साहित्य सेतु जीवन गौरव पुरस्कार — 2016 Arjun_Chavan_Profile_V2
राष्ट्रीय पुरस्कार
30 अप्रैल 2003 को केंद्रीय हिंदी निदेशालय, नई दिल्ली द्वारा उनकी कृति “अनुवाद : समस्याएँ एवं समाधान” के लिए उन्हें “अहिंदी भाषी हिंदी लेखक राष्ट्रीय पुरस्कार” प्रदान किया गया। यह सम्मान तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के हाथों प्रदान किया गया था। Arjun_Chavan_Profile_V2
अन्य महत्वपूर्ण सम्मान
हिंदी सेवा सम्मान — 2019
हिंदी भूषण सम्मान — 2022
हिंदी सर्जना सम्मान — 2022
राज्यस्तरीय हिंदी आदर्श शिक्षक पुरस्कार — 2022
साहित्य साधक सम्मान — 2023
शंकरदयाल सिंह प्रतिभा सम्मान — 2023
श्रेष्ठ सृजन विभूति राष्ट्रीय सम्मान — 2023
सृजन विभूति सम्मान — 2023
महाकवि कालिदास सम्मान — 2024
हिंदी साहित्य श्री सम्मान — 2024
लाइफ टाइम एचीवमेंट अवॉर्ड — 2025
हिंदी साहित्य विभूषण सम्मान — 2026
साहित्याचार्य विभूषण सम्मान — 2026
अंतर्राष्ट्रीय प्रेमचंद सम्मान — 2026
दिव्य नर्मदा अलंकरण सम्मान — 2026 Arjun_Chavan_Profile_V2
अंतर्राष्ट्रीय सहभागिता
उन्होंने 550 से अधिक राज्य, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठियों और अधिवेशनों में अध्यक्ष, मुख्य अतिथि, बीजभाषक, विशेषज्ञ एवं शोधपत्र प्रस्तोता के रूप में सहभागिता की है।
इनमें 50 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय आयोजन शामिल हैं। Arjun_Chavan_Profile_V2
उन्होंने निम्न देशों में हिंदी भाषा एवं साहित्य का प्रतिनिधित्व किया:
मॉरिशस
उज़्बेकिस्तान
रूस
श्रीलंका
ताशकंद, समरकन्द, सेंट पीटर्सबर्ग, मास्को तथा अन्य अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर वे सत्र अध्यक्ष, विशेषज्ञ, प्रमुख अतिथि एवं बीजभाषक के रूप में आमंत्रित किए गए। Arjun_Chavan_Profile_V2
कोरोना काल में अकादमिक सक्रियता
कोरोना काल में उन्होंने 100 से अधिक राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय ऑनलाइन वेबिनारों में अध्यक्ष, बीजभाषक एवं विशेषज्ञ के रूप में सहभागिता की।
नेट एवं सेट परीक्षार्थियों तथा शिक्षकों के लिए उनके 24 मार्गदर्शन व्याख्यान भी प्रसारित किए गए। Arjun_Chavan_Profile_V2
संस्थागत योगदान
वे विभिन्न विश्वविद्यालयों के अध्ययन मंडलों, शोध समितियों एवं चयन समितियों से जुड़े रहे हैं।
उनकी प्रमुख संस्थागत भूमिकाओं में शामिल हैं:
प्रधान सचिव, महाराष्ट्र हिंदी परिषद
सदस्य, महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादमी
सदस्य, दक्षिण भारत हिंदी परिषद
सदस्य, भारतीय हिंदी परिषद
सदस्य, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की गोपनीय कार्य समिति
विशेषज्ञ, विभिन्न विश्वविद्यालयों की चयन समितियाँ
अध्यक्ष, हिंदी प्राध्यापक चयन समिति, कोलकाता विश्वविद्यालय Arjun_Chavan_Profile_V2
वर्तमान पद
वर्तमान में वे विश्व हिंदी परिषद, नई दिल्ली के अंतर्गत महाराष्ट्र राज्य के प्रदेशाध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं। Arjun_Chavan_Profile_V2
विशेष उपलब्धियाँ
उनके नाम 22 ग़ज़ल संग्रहों के लेखन का उल्लेख है।
“दोस्ती” विषय पर उन्होंने लगातार पाँच वर्षों तक प्रतिदिन एक रचना लिखी, जिसे बाद में “दस्तक दोस्ती के दास्तान की” के रूप में संकलित किया गया। Arjun_Chavan_Profile_V2
उनके व्यक्तित्व एवं साहित्यिक योगदान पर 904 पृष्ठों का “इक्कीसवीं सदी के विविध विमर्श : प्रो. (डॉ.) अर्जुन चव्हाण अभिनंदन ग्रंथ” वाणी प्रकाशन, नई दिल्ली से वर्ष 2023 में प्रकाशित हुआ। इसका लोकार्पण 6 जनवरी 2024 को शिवाजी विश्वविद्यालय, कोल्हापुर में किया गया। Arjun_Chavan_Profile_V2
उनके जीवन एवं कृतित्व पर “शून्य से शिखर के यात्री” नामक प्रेरणादायी लघुफिल्म भी निर्मित की गई है। दो दर्जन से अधिक पुस्तकें विभिन्न लेखकों द्वारा उन्हें समर्पित की गई हैं तथा विभिन्न विश्वविद्यालयों में उनके साहित्य एवं व्यक्तित्व पर शोध कार्य किया जा रहा है। Arjun_Chavan_Profile_V2
विशेषज्ञता
अनुवाद-अध्ययन
मीडिया एवं प्रयोजनमूलक हिंदी
हिंदी-मराठी तुलनात्मक साहित्य
हिंदी उपन्यास एवं कथा-समीक्षा
दलित एवं आदिवासी साहित्य
ग़ज़ल एवं काव्य
यात्रा-साहित्य
पर्यावरण और साहित्य Arjun_Chavan_Profile_V2
वर्तमान साहित्यिक कार्य
सेवानिवृत्ति के बाद भी वे स्वतंत्र रूप से सृजनात्मक एवं शोधपरक लेखन में सक्रिय हैं। वे राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय साहित्यिक और अकादमिक आयोजनों में अध्यक्ष, बीजभाषक एवं विशेषज्ञ के रूप में सहभागिता कर रहे हैं।
गीत, ग़ज़ल, कविता, लघुकथा, अनुवाद एवं समीक्षा सहित विभिन्न विधाओं की 25 से अधिक पुस्तकें प्रकाशन हेतु तैयार होने का उल्लेख उपलब्ध प्रोफ़ाइल में किया गया है। Arjun_Chavan_Profile_V2
साहित्यिक एवं अकादमिक पहचान
Prof. (Dr.) Arjun Ganpati Chavan का योगदान उच्च शिक्षा, हिंदी साहित्य, शोध, अनुवाद और अकादमिक नेतृत्व के अनेक क्षेत्रों में विस्तृत है। हिंदी एवं मराठी साहित्य के बीच उनके अनुवाद कार्य, शोधार्थियों के मार्गदर्शन, विश्वविद्यालयीय योगदान, व्यापक साहित्यिक प्रकाशन तथा राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हिंदी के प्रतिनिधित्व ने उनकी पहचान एक वरिष्ठ एवं बहुआयामी हिंदी विद्वान के रूप में स्थापित की है। Arjun_Chavan_Profile_V2